मैं समय हूॅं...
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विश्व का जहाज डूबने को है, और सब अपने-अपने केबिन बचाने में लगे हुए हैं। क्या इस स्थिति में जहाज बच सकता है?
पूरी दुनिया युद्ध और सीमाओं के जाल में फँसकर छटपटा रही है। विश्व निरन्तर विनाश की ओर बढ़ता जा रहा है। अशान्ति के इस दौर में, यह उपन्यास, विश्व शान्ति का एक अनूठा विकल्प प्रस्तुत करता है।
प्रयोगवादी इस उपन्यास की सफलता और असफलता कोई मायने नहीं रखती। न ही मुझे इसके श्रेय की अभीप्सा है।
मेरा प्रयास युद्ध उन्मूलन की व्यवहारिक संकल्पनाओं को खोजकर प्रस्तुत करना है।
रूस यूक्रेन लड़ाई की पृष्ठभूमि तो मात्र एक बहाना है, इस उपन्यास के माध्यम से, विश्वशान्ति के कुछ बुनियादी उपायों को विश्व पटल पर रखना ही एकमात्र उद्देश्य है... और... वही, आपके हाथों में है।
पूरी दुनिया युद्ध और सीमाओं के जाल में फँसकर छटपटा रही है। विश्व निरन्तर विनाश की ओर बढ़ता जा रहा है। अशान्ति के इस दौर में, यह उपन्यास, विश्व शान्ति का एक अनूठा विकल्प प्रस्तुत करता है।
प्रयोगवादी इस उपन्यास की सफलता और असफलता कोई मायने नहीं रखती। न ही मुझे इसके श्रेय की अभीप्सा है।
मेरा प्रयास युद्ध उन्मूलन की व्यवहारिक संकल्पनाओं को खोजकर प्रस्तुत करना है।
रूस यूक्रेन लड़ाई की पृष्ठभूमि तो मात्र एक बहाना है, इस उपन्यास के माध्यम से, विश्वशान्ति के कुछ बुनियादी उपायों को विश्व पटल पर रखना ही एकमात्र उद्देश्य है... और... वही, आपके हाथों में है।
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