Parchhaiyan (Kahani Sangrah / परछाइयाँ (कहानी संग्रह)

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97 pages 2022

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देश और समाज में हर दिन घटने वाली घटनाओं को हम देखते, सुनते, पढ़ते रहते हैं। हर घटना का देश और समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कुछ घटनाएं हमारे चेहरे पर मुस्कान लाती हैं, प्रेरणा देती हैं तो कुछ घटनायें हमें बैचेन कर देती हैं, हमारे ज़हन में कई सवाल खड़े कर देती हैं और हमें अंदर तक झिंझोड़ कर रख देती हैं। देश और समाज में जो कुछ चल रहा है उसकी परछाइयाँ ही हमें साहित्यिक रचनाओं में दिखाई देती हैं। इस किताब में ऐसी ही कुछ घटनाओं को कहानी के रूप में प्रस्तुत कर समाज और देश पर उनके प्रभाव को दर्शाने की कोशिश की है। किताब में कुल 15 कहानियाँ हैं जो समाज के अलग-अलग रूपों को दर्शाती हैं।

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