Biography
He born and passed away in Village: Vishnupura, P. O. + P. S. Jalalpur Bazar, Distt. Saran - 841412 [Bihar]
**नहीं रहे चर्चित साहित्यकार डॉ. जवाहर सिंह जी** :-
प्रखंड के विशुनपुरा गांव के निवासी व हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जवाहर सिंह का निधन सोमवार की रात में हो गया। वे 86 वर्ष के थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही साहित्यकारों, वुद्धिजीवियों में शोक की लहर फैल गयी। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार में मधुमेह, हार्ट आदि रोगों से ग्रसित थे तथा तीन साल से मानसिक रूप से स्मृति भ्रम का शिकार हो गए थे। वे दो पुत्र व एक पुत्री का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। 1 जनवरी 1932 को विशुनपुरा में जन्में डॉ जवाहर सिंह नई कहानी, संचेतन कहानी व समकालीन कहानी के सशक्त हस्ताक्षर थे। छह दशक के अपने रचनात्मक जीवन मे उन्होंने दस कहानी संग्रह, सात उपन्यास सहित 24 पुस्तकों की रचना की। एक और मुख्यमंत्री, एक कद्दावर औरत, जली हुई रस्सी , कुर्सी का जहर आदि पुस्तकें काफी चर्चित एवं प्रसंशित रही हैं। बिहार सरकार के राजभाषा विभाग के राधिका रमन सिंह पुरस्कार एवं फणीश्वरनाथ रेणु पुरस्कार के अलावा आर्य साहित्य सम्मान आदि पुरस्कारों से उन्हें सम्मानित किया गया था।
यह है डॉ. जवाहर सिंह रचना संसार:
कहानी संग्रह: दूसरा पार्टनर, कुर्सी का जहर, सलीब पर टंगी औरत, राष्ट्रीय विदूषक, अपने देश के परदेशी, आखिरी दांव, उसका फैसला तथा अन्य कहानियां, जाल, डाकू आये थे, एक क़द्दावर औरत शामिल हैं।
वहीं एक टूटा हुआ आदमी, गूंगे कंठ की पुकार, एक अलग शुरुआत, जली हुई रस्सी, एक और मुख्यमंत्री, बेचारा अभिमन्यु एवं ज्वार भाटा आदि उपन्यास के अलावा मणिपुर साहित्य एवं संस्कृति तथा हिंदी के आंचलिक उपन्यासों की शिल्प विधि सहित अन्य पुस्तकें शामिल हैं। वे मणिपुर विश्वविद्यालय, इम्फाल से हिंदी विभागाध्यक्ष से सेवा निवृत्त होने के बाद अपने पैतृक गांव विशुनपुरा में रहे थे। इनके निधन से हिंदी साहित्य की अपूरणीय क्षति हुई है।
साभार: श्री तीर्थराज शर्मा
He was one of the Educationist in Bhojpuri and Hindi Literature; University Professor - Hindi , in Manipur University.
डॉ. जवाहर सिंह के प्रकाशित पुस्तकों की संछिप्त जानकारी
[क] कहानी संग्रह
1. दूसरा पार्टनर १९६९, भोला प्रकाशन, वाराणसी
2. कुर्शी का जहर १९७७, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली,
3. सलीब पर टँगी औरत १९८०, बिहार ग्रन्थ कुटीर, पटना
4. राष्ट्रीय विदूषक 1979-80, शब्दकार प्रकाशन, दिल्ली
5. अपने देश के परदेशी १९८५, पराग प्रकाशन, दिल्ली
6. आखिरी दाव १९८८, वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली
7. उसका फैसला तथा अन्य कहानियां १९९० प्रारूप प्रकाशन, शाहजहाँपुर
8. जाल 1991, ISBN 10 - 818547804-X, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली
9. मेरी प्रिये कहानियाँ [भाग 1 & 2] २००३, हिमांचल पुस्तक भंडार, नई दिल्ली
10. डाँकू आये थे 1996, विकास प्रकाशन, कानपुर
11. एक कदावर औरत, ISBN: 81-85478-41-4, 2006, ज्ञान भारती, दिल्ली
[ख] उपन्यास
1. एक टुटा हुआ आदमी १९६७, हिन्दी प्रचारक पुस्तकालय, वाराणसी
2. गूंगे कंठ की पुकार १९८३, ISBN: 121-9-12-1012, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली
3. एक अलग शुरुआत १९८५, ज्ञान भारती, दिल्ली
4. जली हुई रस्सी १९८६, शारदा प्रकाशन, इलाहबाद
5. एक और मुख्य मंत्री १९८७, सुनील साहित्य सदन, दिल्ली
6. बेचारा अभिमन्यु १९९७, ISBN: 81-86503-05-06, विद्या पुस्तक सदन, दिल्ली
7. ज्वार -भाटा १९९९, सुनील साहित्य सदन, दिल्ली
[ग] अन्य
1. मणिपुर साहित्य एवं संस्कृति
2. हिन्दी के आंचलिक उपन्यासों की शिल्प विधि
**नहीं रहे चर्चित साहित्यकार डॉ. जवाहर सिंह जी** :-
प्रखंड के विशुनपुरा गांव के निवासी व हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जवाहर सिंह का निधन सोमवार की रात में हो गया। वे 86 वर्ष के थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही साहित्यकारों, वुद्धिजीवियों में शोक की लहर फैल गयी। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार में मधुमेह, हार्ट आदि रोगों से ग्रसित थे तथा तीन साल से मानसिक रूप से स्मृति भ्रम का शिकार हो गए थे। वे दो पुत्र व एक पुत्री का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। 1 जनवरी 1932 को विशुनपुरा में जन्में डॉ जवाहर सिंह नई कहानी, संचेतन कहानी व समकालीन कहानी के सशक्त हस्ताक्षर थे। छह दशक के अपने रचनात्मक जीवन मे उन्होंने दस कहानी संग्रह, सात उपन्यास सहित 24 पुस्तकों की रचना की। एक और मुख्यमंत्री, एक कद्दावर औरत, जली हुई रस्सी , कुर्सी का जहर आदि पुस्तकें काफी चर्चित एवं प्रसंशित रही हैं। बिहार सरकार के राजभाषा विभाग के राधिका रमन सिंह पुरस्कार एवं फणीश्वरनाथ रेणु पुरस्कार के अलावा आर्य साहित्य सम्मान आदि पुरस्कारों से उन्हें सम्मानित किया गया था।
यह है डॉ. जवाहर सिंह रचना संसार:
कहानी संग्रह: दूसरा पार्टनर, कुर्सी का जहर, सलीब पर टंगी औरत, राष्ट्रीय विदूषक, अपने देश के परदेशी, आखिरी दांव, उसका फैसला तथा अन्य कहानियां, जाल, डाकू आये थे, एक क़द्दावर औरत शामिल हैं।
वहीं एक टूटा हुआ आदमी, गूंगे कंठ की पुकार, एक अलग शुरुआत, जली हुई रस्सी, एक और मुख्यमंत्री, बेचारा अभिमन्यु एवं ज्वार भाटा आदि उपन्यास के अलावा मणिपुर साहित्य एवं संस्कृति तथा हिंदी के आंचलिक उपन्यासों की शिल्प विधि सहित अन्य पुस्तकें शामिल हैं। वे मणिपुर विश्वविद्यालय, इम्फाल से हिंदी विभागाध्यक्ष से सेवा निवृत्त होने के बाद अपने पैतृक गांव विशुनपुरा में रहे थे। इनके निधन से हिंदी साहित्य की अपूरणीय क्षति हुई है।
साभार: श्री तीर्थराज शर्मा
He was one of the Educationist in Bhojpuri and Hindi Literature; University Professor - Hindi , in Manipur University.
डॉ. जवाहर सिंह के प्रकाशित पुस्तकों की संछिप्त जानकारी
[क] कहानी संग्रह
1. दूसरा पार्टनर १९६९, भोला प्रकाशन, वाराणसी
2. कुर्शी का जहर १९७७, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली,
3. सलीब पर टँगी औरत १९८०, बिहार ग्रन्थ कुटीर, पटना
4. राष्ट्रीय विदूषक 1979-80, शब्दकार प्रकाशन, दिल्ली
5. अपने देश के परदेशी १९८५, पराग प्रकाशन, दिल्ली
6. आखिरी दाव १९८८, वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली
7. उसका फैसला तथा अन्य कहानियां १९९० प्रारूप प्रकाशन, शाहजहाँपुर
8. जाल 1991, ISBN 10 - 818547804-X, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली
9. मेरी प्रिये कहानियाँ [भाग 1 & 2] २००३, हिमांचल पुस्तक भंडार, नई दिल्ली
10. डाँकू आये थे 1996, विकास प्रकाशन, कानपुर
11. एक कदावर औरत, ISBN: 81-85478-41-4, 2006, ज्ञान भारती, दिल्ली
[ख] उपन्यास
1. एक टुटा हुआ आदमी १९६७, हिन्दी प्रचारक पुस्तकालय, वाराणसी
2. गूंगे कंठ की पुकार १९८३, ISBN: 121-9-12-1012, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली
3. एक अलग शुरुआत १९८५, ज्ञान भारती, दिल्ली
4. जली हुई रस्सी १९८६, शारदा प्रकाशन, इलाहबाद
5. एक और मुख्य मंत्री १९८७, सुनील साहित्य सदन, दिल्ली
6. बेचारा अभिमन्यु १९९७, ISBN: 81-86503-05-06, विद्या पुस्तक सदन, दिल्ली
7. ज्वार -भाटा १९९९, सुनील साहित्य सदन, दिल्ली
[ग] अन्य
1. मणिपुर साहित्य एवं संस्कृति
2. हिन्दी के आंचलिक उपन्यासों की शिल्प विधि
Books by Dr. Jawahar Singh
Ek Kadavar Aurat
Ek Kadavar Aurat
एक कदावर औरत [Ek Kadavar Aurat
एक कदावर औरत [Ek Kadavar Aurat]
मेरी प्रिये कहानियाँ [भाग 1 &
मेरी प्रिये कहानियाँ [भाग 1 & 2] {Meri Priye Kahaniyan [Part-I & II]}
ज्वार -भाटा [Jvar-Bhata]
ज्वार -भाटा [Jvar-Bhata]
Bechara Abhimanyu (Hindi)
Bechara Abhimanyu (Hindi)
बेचारा अभिमन्यु [Bechara Abhim
बेचारा अभिमन्यु [Bechara Abhimanyu]
डाँकू आये थे [Danku Aaye The]
डाँकू आये थे [Danku Aaye The]
जाल [Jal]
जाल [Jal]
उसका फैसला तथा अन्य कहानियाँ [
उसका फैसला तथा अन्य कहानियाँ [Uska Phaisala Tatha Anya Kahaniyan]
आखिरी दाव [Aakhiri Dav]
आखिरी दाव [Aakhiri Dav]
एक और मुख्य मंत्री [Ek Aur Muk
एक और मुख्य मंत्री [Ek Aur Mukhya Mantri]
जली हुई रस्सी [Jali Hui Rassi]
जली हुई रस्सी [Jali Hui Rassi]
अपने देश के परदेशी [Apne Desh
अपने देश के परदेशी [Apne Desh Ke Pardeshi]
एक अलग शुरुआत [Ek Alag Shuruat
एक अलग शुरुआत [Ek Alag Shuruat]
गूंगे कंठ की पुकार [Gunge Kant
गूंगे कंठ की पुकार [Gunge Kanth Ki Pukar]
सलीब पर टँगी औरत [Saleeb Par T
सलीब पर टँगी औरत [Saleeb Par Tangi Aurat]
राष्ट्रीय विदूषक [Rashtriya Vi
राष्ट्रीय विदूषक [Rashtriya Vidushak]
कुर्शी का जहर [Kursi ka Jahar]
कुर्शी का जहर [Kursi ka Jahar]
Dusra Partner (Hindi)
Dusra Partner (Hindi)
दूसरा पार्टनर [Dusra Partner]
दूसरा पार्टनर [Dusra Partner]
एक टुटा हुआ आदमी [Ek Tuta Hua
एक टुटा हुआ आदमी [Ek Tuta Hua Aadmi]